इटली की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में इस बार बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। अनुभवी गोलकीपर गग्लिएल्मो विकारियो को पहली बार टीम की शुरुआती एकादश में जगह दी गई, जबकि जाने-माने गोलकीपर डोनारुम्मा को बेंच पर बैठाया गया।
मोल्दोवा के खिलाफ हुए मुकाबले में इटली के कोच ने गोलकीपर पोजीशन पर बदलाव करते हुए विकारियो को मौका दिया। विकारियो की यह शुरुआत फुटबॉल प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके चयन को लेकर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
इसी बीच क्लब स्तर पर विकारियो का प्रदर्शन भी सुर्खियों में है। टॉटेनहम हॉटस्पर की टीम को प्रीमियर लीग में लगातार पांचवीं हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में क्रिस्टल पैलेस के खिलाफ 1-3 से हार के बाद टॉटेनहम पर रेलीगेशन का खतरा मंडराने लगा है। विकारियो इस मैच में टीम का हिस्सा थे, लेकिन टीम की रक्षापंक्ति कमजोर नजर आई।
एक अन्य मुकाबले में टॉटेनहम को नॉटिंघम फॉरेस्ट के खिलाफ भी 0-3 की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इस मैच में हडसन-ओडोई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉटिंघम को जीत दिलाई। विकारियो की कोशिशों के बावजूद उनकी टीम गोल बचाने में नाकाम रही।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हार के बावजूद विकारियो का फॉर्म स्थिर है और उनकी गोलकीपिंग क्षमता में कोई कमी नहीं आई है। इटली के लिए उनका चयन इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन भविष्य की रणनीति पर काम कर रहा है।
गग्लिएल्मो विकारियो के करियर की बात करें तो उन्होंने कम समय में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। उनकी चुस्ती और फैसले लेने की क्षमता के चलते उन्हें आगामी मैचों में भी मौका दिए जाने की संभावना है।
फुटबॉल जगत में विकारियो का नाम इन दिनों चर्चा में है और इटली की टीम में उनका नया रोल देखने के लिए प्रशंसक उत्साहित हैं। अगले मैचों में उनका प्रदर्शन टीम की दिशा तय कर सकता है।
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