चंडीगढ़ 5 मार्च 2026 ( प्राइम टुडे न्यूज़) चंडीगढ़ में डीएसपी सुखविंदर पाल सिंह सौंधी और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। यह एफआईआर क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज की गई थी, जो सीबीआई की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई थी।जानकारी के मुताबिक, मामला लगभग 19 साल पुराना है और यह पूर्व आईएएस अधिकारी गुरनीहाल सिंह पीरजादा और बिजनेसमैन सुखवीर सिंह शेरगिल के बीच हुए विवाद से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया के प्लॉट नंबर B-101 को फर्जी दस्तावेजों के जरिए शेरगिल की कंपनी के नाम ट्रांसफर करवाने की साजिश रची गई थी।
शेरगिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस ने उनसे जबरन बयान लिए और फर्जी हस्ताक्षर करवाए। सीबीआई जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि एक कॉन्स्टेबल ने स्वीकार किया था कि शेरगिल ने उसके सामने किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। इतना ही नहीं, चार्जशीट में दिखाई गई रिकवरी को भी बाद में प्लांट किया हुआ बताया गया।बताया जा रहा है कि जब यह एफआईआर दर्ज हुई थी, उस समय चंडीगढ़ के डीजीपी सुरेंद्र यादव थे। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीबीआई से इस मामले से जुड़े दस्तावेज भी मांगे थे, जो सीबीआई की ओर से उपलब्ध करवा दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।सबसे हैरानी की बात यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी डीएसपी सुखविंदर पाल सिंह सौंधी को पूछताछ के लिए एक बार भी नहीं बुलाया गया। इस वजह से पूरे मामले की जांच प्रक्रिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
चंडीगढ़ में डीएसपी समेत पुलिसकर्मियों पर दर्ज FIR, एक साल बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी
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