ईद उल-फितर 2026 को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। हर कोई जानना चाहता है कि इस बार ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी या 21 मार्च को। चांद के दीदार पर निर्भर इस त्योहार की तारीख को लेकर मुस्लिम समुदाय में उत्सुकता साफ देखी जा रही है।
ईद उल-फितर इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमज़ान के महीने की समाप्ति पर मनाई जाती है। इस साल रमज़ान का महीना 1 मार्च से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में 29 या 30 रोजे पूरे होने के बाद चांद दिखने पर ईद की तारीख तय होगी।
मौलानाओं और इस्लामी विद्वानों के अनुसार, अगर 29वें रोजे की शाम को चांद दिख जाता है, तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। वहीं, अगर उस दिन चांद नजर नहीं आता तो ईद 21 मार्च को होगी। यह फैसला चांद के दिखने के बाद ही अंतिम रूप से घोषित किया जाएगा।
देशभर के कई शहरों में ईद की तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। बाजारों में रौनक लौट आई है और लोग नए कपड़ों की खरीदारी के साथ-साथ सेवईं और मिठाइयां भी लेने लगे हैं। मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाओं की योजना भी बनाई जा रही है।
इस मौके पर जकात और फितरा देने की परंपरा निभाई जाती है। जकात, मुसलमानों द्वारा अपनी संपत्ति का एक निश्चित हिस्सा जरूरतमंदों को देने की धार्मिक जिम्मेदारी है, जबकि फितरा रमज़ान के रोजे के बाद गरीबों में बांटा जाता है। दोनों का मकसद समाज में बराबरी और भाईचारे को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईद उल-फितर न सिर्फ धार्मिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व आपसी मेलजोल, भाईचारे और खुशहाली का संदेश देता है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी त्योहार के मद्देनजर सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम करने की बात कही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके।
ईद उल-फितर की सटीक तारीख का ऐलान चांद देखने के बाद किया जाएगा। ऐसे में लोग अब बेसब्री से उस शुभ घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब मस्जिदों से ईद की नमाज का ऐलान होगा और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी जाएगी।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
