कानपुर की छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने शिक्षा व्यवस्था में अहम बदलाव करते हुए स्नातक छात्रों के लिए फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स अनिवार्य कर दिया है। विश्वविद्यालय का यह फैसला छात्रों को आर्थिक रूप से जागरूक बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
सीएसजेएमयू के अधिकारियों के मुताबिक, फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स सभी संकायों के स्नातक छात्रों के लिए जरूरी किया गया है। इस कोर्स के तहत विद्यार्थी बैंकिंग, निवेश, बीमा और टैक्सेशन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करेंगे। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे छात्र भविष्य में बेहतर आर्थिक निर्णय ले सकेंगे।
इसी के साथ विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘कैम-एआई’ मॉडल भी लागू किया जा रहा है। इस पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल पढ़ाई और शोध में किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और छात्रों को वैश्विक स्तर की तकनीकी समझ मिलेगी।
सीएसजेएमयू में 13 और 14 मार्च को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें दवा खोज और विकास जैसे गंभीर विषयों पर मंथन होगा। इस सम्मेलन में कनाडा के प्रोफेसर समेत कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे और नई चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा करेंगे। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि यह आयोजन शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
छात्रों और शिक्षकों के बीच इन बदलावों को लेकर उत्साह है। विशेषज्ञों का मानना है कि फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स और एआई तकनीक से लैस शिक्षा मॉडल से सीएसजेएमयू के छात्र भविष्य के लिए अधिक सक्षम और जागरूक बनेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि आगे भी शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कदम जारी रहेंगे।
इन नई पहलों के जरिए सीएसजेएमयू उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में अग्रसर है। विश्वविद्यालय की कोशिश है कि उसके विद्यार्थी न केवल अकादमिक रूप से मजबूत बनें, बल्कि तकनीकी और आर्थिक रूप से भी सशक्त हों।
यह खबर AI-powered ऑटो-ब्लॉगर द्वारा Google Trends के आधार पर तैयार की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें। — PTN, Prime Today News
