Skip to content
Tuesday, March 3, 2026 | LIVE TV
LIVE TV
BREAKING
पंचकुला से राजन राय की रिपोर्ट तेहरान के ‘दिल’ पर हवाई हमला, भारी विस्फोट से दहली ईरान की राजधानी देश की प्रगति में विज्ञान की अहम भूमिका हरजोत सिंह बैंस ने छात्रों को जिज्ञासा बढ़ाने के लिए किया प्रेरित Rouse Avenue Court ने दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में CBI चार्जशीट खारिज की, Arvind Kejriwal-Manish Sisodia समेत 23 आरोपी बरी चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 मारपीट केस में गवाह मुकरा, लॉरेंस बिश्नोई को पहचानने से किया इनकार दिल्ली से चंडीगढ़ ट्रांसफर हुए आईपीएस राजीव रंजना डीआईजी पद संभालेंगे सिद्धू परिवार की तारीफ पर रवनीत बिट्टू का बयान, बोले ‘न कोई बातचीत, न भाजपा की पहल’ मोहाली में पेशी पर आए गुरविंदर सिंह की हत्या मामले में एक शूटर गिरफ्तार, भाई भी पनाह देने के आरोप में काबू मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का लाभ घर-घर पहुंचाने के प्रयास जारी कुलवंत सिंह चंडीगढ़ में गूंजेगी इंजनों की दहाड़, 39वीं सजोबा एक्सट्रीम रैली 12 से 15 मार्च तक

Chandra Grahan 2026 गर्भवती महिलाओं के लिए क्या करें और क्या न करें, जानें धार्मिक मान्यताएं और सावधानियां

vishal kumar
1 min read
Listen to News
Click play to hear this story

प्राइम टुडे न्यूज़ 3 मार्च 2026 साल 2026 का चंद्र ग्रहण धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। हिंदू शास्त्रों में ग्रहण काल को सामान्य समय की तुलना में अधिक संवेदनशील माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में ऊर्जा परिवर्तन होता है, जिसका प्रभाव विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु पर पड़ सकता है। यही कारण है कि इस अवधि में सतर्कता बरतने और कुछ विशेष नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।चंद्र ग्रहण क्यों माना जाता है अशुभ?धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। खासकर चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा की किरणों को अशुद्ध माना जाता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को इस दौरान घर के भीतर रहने और सीधे चंद्रमा को देखने से बचने की सलाह दी जाती है। किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य ग्रहण काल में नहीं किए जाते।
गर्भवती महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए?परंपरागत मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को नुकीली या धारदार वस्तुओं जैसे सुई, चाकू, कैंची आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। सिलाई, कढ़ाई या बुनाई जैसे कार्यों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इन कार्यों का गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।इसके अलावा अनावश्यक बाहर निकलने से बचना, अधिक शारीरिक श्रम न करना और मानसिक रूप से शांत रहना उचित माना जाता है।क्या करें? धार्मिक उपाय और सकारात्मक अभ्यासग्रहण काल में इष्ट देव का स्मरण, मंत्र जाप और विशेष रूप से चंद्र देव से जुड़े मंत्रों का उच्चारण शुभ माना जाता है। ध्यान, भजन या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है, लेकिन आस्था रखने वाले लोग अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार सावधानियां बरतते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण है मानसिक शांति, पर्याप्त विश्राम और सकारात्मक सोच बनाए रखना।

Related Stories

Stay Informed. Subscribe Now.

Get breaking news and top stories delivered straight to your inbox. No spam, unsubscribe anytime.