सीबीएसई कक्षा 10वीं के विज्ञान पेपर ने इस साल छात्रों के लिए मिश्रित अनुभव दिया। परीक्षा के बाद छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रियाओं में फिजिक्स सेक्शन को सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताया गया, जबकि बायोलॉजी को अपेक्षाकृत सरल माना गया।
परीक्षा में बैठने वाले कई छात्रों ने कहा कि फिजिक्स के सवालों ने उन्हें उलझा दिया। सवालों में कॉन्सेप्ट क्लियरिटी और लॉजिकल अप्रोच की आवश्यकता थी, जिससे कुछ विद्यार्थियों को समय प्रबंधन में दिक्कतें आईं। वहीं, बायोलॉजी के प्रश्न सीधे और किताब के पैटर्न पर आधारित थे, जिससे छात्रों को आसानी महसूस हुई।
शिक्षकों की राय में इस बार का विज्ञान पेपर पूरी तरह से पैटर्न पर केंद्रित था। अधिकांश प्रश्न एनसीईआरटी बुक्स और सैंपल पेपर्स के अनुसार पूछे गए। टीचर्स का कहना है कि जिन छात्रों ने रेगुलर प्रैक्टिस और सिलेबस का गहराई से अध्ययन किया था, उनके लिए पेपर संतुलित और स्कोरिंग रहा।
परीक्षा के बाद सोशल मीडिया और इंटरनेट पर "CBSE Class 10th Science Paper" का सर्च ट्रेंड भी तेजी से बढ़ा। छात्र और अभिभावक दोनों ही पेपर एनालिसिस, उत्तर कुंजी और सेट-वाइज प्रश्न पत्र डाउनलोड करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेते नजर आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का विज्ञान पेपर छात्रों के कांसेप्चुअल नॉलेज और एप्लिकेशन स्किल्स को परखने के लिहाज से डिजाइन किया गया था। इससे छात्रों को उच्च स्तर की सोच विकसित करने में मदद मिलेगी, लेकिन जिनका बेसिक कमजोर था, उनके लिए मुश्किलें बढ़ीं।
सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षा के संचालन में पूरी पारदर्शिता बरती। बोर्ड की ओर से पेपर लीक या अन्य किसी गड़बड़ी की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। विद्यार्थी अब आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर कुंजी और सेट-वाइज प्रश्न पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
परीक्षा विशेषज्ञों का सुझाव है कि अगले साल के छात्रों को भी एनसीईआरटी किताबों के हर चैप्टर पर फोकस करना चाहिए और सैंपल पेपर्स की लगातार प्रैक्टिस करनी चाहिए। इससे न केवल परीक्षा में सफलता मिलेगी, बल्कि विषय की गहरी समझ भी विकसित होगी।
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