Skip to content
Tuesday, March 10, 2026 | LIVE TV
LIVE TV
BREAKING
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी फंड में करोड़ों की सेंध, बैंक FDR जांच में सामने आया बड़ा वित्तीय घोटाला सिविल सर्जन ने अभिभावकों से बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करवाने की अपील अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘हौसलों के रू-ब-रू’ कार्यक्रम का आयोजन बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिला बीएलओ को प्रशंसा पत्र देकर किया सम्मानित 14 मार्च को एस.ए.एस. नगर में लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, कई तरह के मामलों का होगा निपटारा किसानों से अपील: गेहूं की पराली को आग लगाने की बजाय खेतों में ही मिलाएं एडीसी सोनम चौधरी पंजाब विधानसभा में हंगामा प्रश्न शामिल न होने पर बाजवा के आरोप, कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट पंजाब में बढ़ने लगी गर्मी, पारा सामान्य से 7.5 डिग्री ऊपर मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी ‘सबका साथ, सबका विकास’ विषय पर वेबिनार को आज संबोधित करेंगे पीएम मोदी, शिक्षा-स्वास्थ्य और पर्यटन पर होगी चर्चा खाड़ी में तनाव का असर उड़ानें कम, टिकट 1 लाख तक; हजारों भारतीयों की घर वापसी मुश्किल

किसानों से अपील: गेहूं की पराली को आग लगाने की बजाय खेतों में ही मिलाएं एडीसी सोनम चौधरी

vishal kumar
1 min read
Listen to News
Click play to hear this story

पंजाब 10 मार्च 2026( प्राइम टुडे न्यूज़ ) डिप्टी कमिश्नर एस.ए.एस. नगर कोमल मित्तल के निर्देशों के तहत रबी सीजन 2026-27 के दौरान गेहूं की पराली/फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) सोनम चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग, पुलिस विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट और सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एडीसी (विकास) सोनम चौधरी ने किसानों से अपील की कि गेहूं की कटाई के बाद तुड़ी बनाने के पश्चात बची हुई पराली को आग लगाने के बजाय खेतों में ही मिला दिया जाए। उन्होंने कहा कि इससे जमीन की उर्वरता बढ़ती है और आने वाली फसलों के लिए खाद पर होने वाला अनावश्यक खर्च भी कम होता है।उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वातावरण का तापमान बढ़ जाता है, जिससे खेतों में मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा हवा के शुष्क होने से पेड़ों और अन्य वनस्पतियों को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग न लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. सुखजिंदर सिंह बाजवा ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग द्वारा गांव स्तर पर लगातार किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता वैन, पंचायत बैठकों, ब्लॉक स्तरीय कैंप, नुक्कड़ नाटक और साहित्य वितरण के माध्यम से भी किसानों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा जिले में प्रचार वैन के जरिए भी जानकारी दी जाएगी।बैठक में डॉ. सुभकरण सिंह, डॉ. रमन करोरिया (कृषि अधिकारी), क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट स्कीम के नोडल अधिकारी डॉ. गुरदयाल कुमार, कृषि विकास अधिकारी डॉ. जसप्रीत सिंह, डॉ. दानिश कुमार, डॉ. गुरविंदर कौर, पर्यावरण इंजीनियर कवलदीप कौर सहित कई प्रगतिशील किसानों ने भी भाग लिया।

Related Stories

Stay Informed. Subscribe Now.

Get breaking news and top stories delivered straight to your inbox. No spam, unsubscribe anytime.