पंजाब 10 मार्च 2026( प्राइम टुडे न्यूज़ ) डिप्टी कमिश्नर एस.ए.एस. नगर कोमल मित्तल के निर्देशों के तहत रबी सीजन 2026-27 के दौरान गेहूं की पराली/फसल अवशेषों को जलाने से रोकने के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) सोनम चौधरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग, पुलिस विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट और सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एडीसी (विकास) सोनम चौधरी ने किसानों से अपील की कि गेहूं की कटाई के बाद तुड़ी बनाने के पश्चात बची हुई पराली को आग लगाने के बजाय खेतों में ही मिला दिया जाए। उन्होंने कहा कि इससे जमीन की उर्वरता बढ़ती है और आने वाली फसलों के लिए खाद पर होने वाला अनावश्यक खर्च भी कम होता है।उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वातावरण का तापमान बढ़ जाता है, जिससे खेतों में मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा हवा के शुष्क होने से पेड़ों और अन्य वनस्पतियों को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग न लगाएं और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. सुखजिंदर सिंह बाजवा ने बताया कि किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग द्वारा गांव स्तर पर लगातार किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता वैन, पंचायत बैठकों, ब्लॉक स्तरीय कैंप, नुक्कड़ नाटक और साहित्य वितरण के माध्यम से भी किसानों को जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा जिले में प्रचार वैन के जरिए भी जानकारी दी जाएगी।बैठक में डॉ. सुभकरण सिंह, डॉ. रमन करोरिया (कृषि अधिकारी), क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट स्कीम के नोडल अधिकारी डॉ. गुरदयाल कुमार, कृषि विकास अधिकारी डॉ. जसप्रीत सिंह, डॉ. दानिश कुमार, डॉ. गुरविंदर कौर, पर्यावरण इंजीनियर कवलदीप कौर सहित कई प्रगतिशील किसानों ने भी भाग लिया।
किसानों से अपील: गेहूं की पराली को आग लगाने की बजाय खेतों में ही मिलाएं एडीसी सोनम चौधरी
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