महाराष्ट्र 1 मार्च 2026( प्राइम टुडे न्यूज़ ) महाराष्ट्र में Amit Shah ने रविवार को नवी मुंबई के खारघर में आयोजित ‘हिंद-दी-चादर’ कार्यक्रम में भाग लिया, जो Guru Tegh Bahadur की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान को स्मरण करते हुए पंजाब में हो रहे कथित धर्म परिवर्तन पर चिंता व्यक्त की।
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने दूसरों के धर्म और आस्था की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने कठिन यातनाएं सही, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। शाह ने कहा कि यदि आज कोई व्यक्ति लालच या दबाव में आकर अपना धर्म बदलता है, तो वह गुरुओं की शिक्षाओं के अनुरूप आचरण नहीं कर रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे मिलकर इस प्रवृत्ति को रोकने का प्रयास करें।इतिहास का उल्लेख करते हुए शाह ने Aurangzeb के शासनकाल का जिक्र किया और बताया कि जब कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार हुए, तब उन्होंने गुरु तेग बहादुर से सहायता की गुहार लगाई थी। गुरु ने अन्याय के विरुद्ध डटकर सामना किया और अंततः अपने प्राणों की आहुति दे दी। शाह ने कहा कि उनके इस त्याग ने लोगों को अपनी आस्था और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित किया।उन्होंने Guru Nanak Dev की शिक्षाओं को भी याद करते हुए कहा कि नाम सिमरन, प्रार्थना और लंगर की परंपरा ने समाज में एकता और नैतिक शक्ति को मजबूत किया। शाह ने कहा कि सिख गुरुओं की विरासत पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है और उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
हिंद-दी-चादर कार्यक्रम में अमित शाह का बयान पंजाब में धर्म परिवर्तन पर जताई चिंता, गुरुओं की परंपरा को बताया विश्व के लिए प्रेरणा
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