अफगानिस्तान में सोमवार को अचानक तेज़ भूकंप के झटकों ने दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गई, जबकि इसका केंद्र लगभग 90 किलोमीटर गहराई में था। झटकों की तीव्रता इतनी थी कि असर पड़ोसी देश उज्बेकिस्तान तक महसूस किया गया।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की सूचना नहीं है। भूकंप के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और आफ्टरशॉक्स के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
दूसरी ओर, भारत के बिहार राज्य के सीवान जिले में भूकंप आपदा से निपटने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने मंगलवार को 'मेगा मॉक ड्रिल' आयोजित करने का फैसला किया है। इस अभ्यास के दौरान सात अलग-अलग स्थानों पर लाइव रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाएगा, जिसमें आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा बल भाग लेंगे।
मॉक ड्रिल की शुरुआत सुबह 9 बजे सायरन बजने के साथ होगी। इसका मकसद आपदा प्रबंधन की तैयारियों की जांच करना और आम लोगों को जागरूक करना है। जिला प्रशासन ने बताया कि इस ड्रिल के जरिए रेस्क्यू टीमों की तत्परता, राहत सामग्री वितरण और घायलों की त्वरित चिकित्सा सहायता का परीक्षण किया जाएगा।
सीवान में यह मॉक ड्रिल ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में भूकंप से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी अफवाह से बचें।
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं अचानक आती हैं और इनसे बचाव के लिए तैयारी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते सही कदम उठाने और जागरूकता फैलाने से जानमाल की हानि को कम किया जा सकता है।
सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं और आपात स्थितियों से निपटने के लिए अपनी रणनीति को मजबूत कर रही हैं। अफगानिस्तान और भारत, दोनों ही स्थानों पर ताजा घटनाओं ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर गंभीरता बढ़ा दी है।
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